खूंखार (ज्वालामुखी PART-2) BY Anil Mohan
कहर ढाता देवराज चौहान शोले बरसाती मंगोलिया की धरती। आकाश से बरसती मौत। इन सबसे मिलकर तैयार हुआ है- 'खूंखार' देवराज चौहान का खूनी कारनामा। अजगर खान ने घोड़े की लगाम खींची। तीव्र हिनहिनाहट के साथ घोड़ा अपनी अगली दोनों टांगें उठाने के बाद रुका। अजगर खान ने एक निगाह खुमान सिंह के शानदार बंगले पर मारी फिर उछलकर घोड़े से नीचे उतर आया। लगाम थामे वह फाटक के पास पहुंचा। वहां मौजूद दोनों हथियार बंद पहरेदारों ने उसे देखा। "मुझे खुमान सिंह से मिलना है।" "क्यों?" "काम है।" अजगर खान के माथे पर बल पड़ गए- "तू क्यों पूछता है? भीतर खबर कर। जानता नहीं मुझे! अजगर खान नाम है मेरा। भीतर जाकर बोल।" एक पहरेदार भीतर की तरफ बढ़ गया। अजगर खान ने घोड़े की लगाम स्टैंड पर बांध दी। खुमान सिंह से तो उसकी मुलाकात नहीं हो सकी अलबत्ता आधे घंटे के बाद उसे गजाला के सामने हाजिर कर दिया गया। अजगर खान के एतराज उठाने का सवाल ही पैदा नहीं होता था। वह जिस काम की खातिर आया था, उसके लिए खुमान सिंह की बेटी गजाला से मुलाकात हो या खुमान सिंह से, बात एक ही थी। वह तो उनके कंधे पर बंदूक ...